Problem Solving using Computers SDLC

Solving problems is the core of computer science. first of all programmers need to understand how a human solves a specific problem, then think how to translate this solution in to an algorithm and at last write specific code/program in programming language.

कंप्यूटर साइंस में समस्या को हल करना एक महत्वपूर्ण कार्य है, इसमें सर्वप्रथम प्रोग्रामर को यह जानना होता है की मनुष्य किसी समस्या को किस प्रकार हल करता है एवं इसके पश्चात् यह सोचना होता है कि उस समस्या के लिए अल्गोरिथम कैसे तैयार की जा सकती है और उसका प्रोग्राम किसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में कैसे लिखा जा सकता है।

Problem solving phases are as follows-
प्रॉब्लम सॉल्विंग फेज निम्न है -
1.) Problem Definition (समस्या की परिभाषा)
2.) Problem Analysis & Algorithm Design (समस्या का विश्लेषण एवं अल्गोरिथम की बनावट )
3.) Coding (कोडिंग)
4.) Compilation &Execution (कंपाइलेशन एवं एक्सीक्यूशन)
5.) Debugging & Testing (त्रुटी सुधार एवं जाँच)
6.) Documentation (लिखित विवरण)
7.) Implementation (हल को लागु करना)
8.) Maintenance (रखरखाव)

   

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